वीके सिंह पहुंचे उत्तर कोरिया, 20 साल में भारत के किसी मंत्री का पहला दौरा

नई दिल्ली। केंद्र की राजग सरकार ने हाल के दिनों में एक के बाद एक चौंकाने वाले कूटनीतिक फैसले लेने शुरु किये हैं। पहले चीन के राष्ट्रपति के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की अनौपचारिक वार्ता, फिर रूस के राष्ट्रपति के साथ ऐसी ही दूसरी वार्ता का फैसला और अब उत्तर कोरिया के साथ संपर्क साधना। दुनिया भर के कूटनीतिक सर्किल में बेहद मजबूत संकेत देते हुए विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह 15 मई को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंच कर वहां के लीडर किम जोंग उन के मंत्रिमंडल के आला अधिकारियों के साथ वार्ता की है।
जनरल सिंह की यह यात्रा सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि भारत व उत्तर कोरिया के बीच दो दशकों के बाद सरकारी स्तर पर बातचीत हुई है, बल्कि इससे कूटनीतिक लिहाज से भारत के बढ़ते आत्मविश्वास का भी पता चलता है।
विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि उत्तर कोरिया सरकार के अनुरोध पर दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे जनरल सिंह वहां सुप्रीम पीपुल्स एसेंबली के प्रेसिडियम (उत्तर कोरिया में कानून बनाने वाली सर्वोच्च संस्था) के वाइस प्रेसिडेंट किम यांग डाई, विदेश मंत्री री यांग हो, संस्कृति मंत्री पाक चुन नाम, उप विदेश मंत्री चो हुई चोल से मुलाकात की।  इस दौरान दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक व संस्कृति से जुड़े सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई।

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