उन्नाव रेप केस: पीड़िता के बयान के लिए पहुंचे जज, AIIMS में बनाई गई अस्थाई कोर्ट

नई दिल्ली: उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case) में पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए एम्स (AIIMS) में बुधवार (11 सितंबर) को अस्थाई अदालत (Temporary Court) लगाई गई है. उन्नाव रेप केस की पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए जज एम्स अस्पताल पहुंच गए हैं, जहां अस्थायी अदालत की व्यवस्था की गई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश पर अस्थाई अदालत बनाया गया है.

इसी अदालत में पीड़िता और उसके वकील के बयान दर्ज किए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक, ये सारी प्रक्रिया बंद कमरे में होगी. तीस हजारी स्थित जिला जज धर्मेश शर्मा की अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जय प्रकाश नारायण अपेक्स ट्रामा सेंटर (एम्स) में अस्थाई कोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे. इस विशेष अदालत में बाहरी व्यक्ति या मीडिया को उपस्थित रहने की अनुमति नहीं रहेगी.

पीड़िता के बयान पूरे होने तक रोजाना अस्थाई अदालत लगती रहेगी. अदालत ने सीबीआई के वकील, पीड़िता के वकील व बचाव पक्ष के वकीलों को बुधवार को सुबह करीब 10.30 बजे एम्स के ट्रामा सेंटर पहुंचे. अदालत ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस विशेष अदालत में किसी तरह की ऑडियो या वीडियो रिकार्डिंग नहीं होगी. यहां तक की सेमीनार हॉल में लगने वाली इस विशेष अदालत को ध्यान रखते हुए वहां लग हुए सीसीटीवी कैमरों को भी बंद करने की जिम्मेदारी चिकित्सा अधीक्षक को सौंपी गई है. साथ ही किसी भी हाल में पीड़िता आरोपियों के सामने ना आए, ऐसी व्यवस्था की गई है.

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