Madhavi Lata : माधवी लता ने महिलाओं के चेहरे से हटवाया बुर्का, हुआ केस दर्ज, क्या पार्टी उम्मीदवार पोलिंग सेंटर पर चेक कर सकता है मतदाता की ID?

 Madhavi Lata : माधवी लता ने महिलाओं के चेहरे से हटवाया बुर्का, हुआ केस दर्ज, क्या पार्टी उम्मीदवार पोलिंग सेंटर पर चेक कर सकता है मतदाता की ID?

Madhavi Lata : हैदराबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार के. माधवी लता को पुलिस केस का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि एक वीडियो में उन्हें एक मतदान केंद्र पर बुर्का पहने मुस्लिम महिलाओं से अपने चेहरे दिखाने के लिए कहते हुए दिखाया गया है ताकि वह उनके मतदाता पहचान पत्र पर मौजूद तस्वीरों से उनका मिलान कर सकें.

माधवी लता आज चल रहे लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सबसे चर्चित उम्मीदवारों में से एक हैं. उनका मुकाबला हैदराबाद से चार बार के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से है. हैदराबाद सीट से सांसद असद्दुदीन ओवैसी को टक्कर दे रही भाजपा उम्मीदवार ने औचक एक मतदान केंद्र का दौरा किया है.

इससे एक सवाल उठना लाजमी है कि क्‍या कोई उम्‍मीदवार पोलिंग बूथ पर पहुंचकर इस तरह से चेकिंग कर सकता है? मतदान स्थल पर वोटिंग में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए पार्टियों के अधिकृत पोलिंग एजेंट वहां पर होते हैं, जो वहां नजर बनाए रखते हैं लेकिन वहां उम्मीदवार का रोल क्या है और क्या उनके पास वोटिंग कार्ड चेक करने का अधिकार है?

 Madhavi Lata : माधवी लता की आई सफाई

इस घटना पर माधवी लता ने बयान देते हुए कहा हे कि मैं प्रत्याशी हूं और कानून के मुताबिक मुझे अपने क्षेत्र के मतदाताओं के वोटर आईडी कार्ड और उन्हें फेस मास्क के बिना देखने का अधिकार है. मैं पुरुष नहीं महिला हूं. मैंने काफी विनम्रता के साथ उनसे निवेदन किया. मैंने उनसे कहा कि क्या मैं आईडी कार्ड के साथ आपको भी देख सकती हूं. अगर कोई इस घटना को बड़ा मुद्दा बनाना चाहता है तो इसका मतलब साफ है कि वह डर रहा है.

 Madhavi Lata : क्‍या कोई उम्‍मीदवार ऐसा कर सकता है?

मतदान केंद्र के बाहर किसी भी प्रत्याशी के पास यह अधिकार नहीं है कि वह मतदाताओं के पहचान पत्र की जांच कर सकें. यह काम चुनाव आयोग का है. वोटर कार्ड या कोई भी अधिकृत पहचान पत्र चेक करने का अधिकार केवल मतदान केंद्र के अंदर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के पास है.

अगर किसी पोलिंग सेंटर पर उम्मीदवार आपसे किसी तरह का आईडी कार्ड दिखाने को कह रहा है तो उसे मना कर सकते हैं. संवैधानिक तौर उसके पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है.

अगर किसी पार्टी को लगता है कि किसी बूथ पर गड़बड़ी हो रही है या हो सकती है, तो वहां पर अपने एजेंट की तैनाती कर सकते हैं, लेकिन उनके पास भी ऐसा कोई अधिकार नहीं है जो मतदान की प्रक्रिया को बाधित करे. या उनके मतदाता को मतदान के अधिकार को रोके.

हालांकि, अगर कोई शख्स या दूसरी पार्टी का एजेंट इसको लेकर आपत्ति नहीं दर्ज कराता है तो पर उस किसी तरह का कोई मामला नहीं बनता है. उस कोई कार्रवाई नहीं होगी.

 Madhavi Lata : तेलंगाना की सभी सीटों पर वोटिंग जारी

तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर वोटिंग जारी है. भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक के बाद दक्षिण भारत के इस राज्य से कुछ बेहतर चुनाव परिणाम की उम्मीद कर रही है. तेलंगाना चुनाव में सबसे अधिक जिस एक सीट पर लोगों की निगाहें होती हैं, वह सीट हैदाराबाद की ही है. एआईएमआईएम के मुखिया असद्दुदीन ओवैसी यहां से लगातार सांसद चुने जाते रहे हैं. इस बार भारतीय जनता पार्टी ने माधवी लता को उम्मीदवार बना मामला दिलचस्प बना दिया है.

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 Madhavi Lata : हैदराबादः औवैसी परिवार का गढ़

2019 आम चुनाव में ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी के भागवानाथ रॉव को करीब 2 लाख 80 हजार वोटों के अंतर से हरा दिया था. ओवैसी 2004 ही से लगातार इस सीट से चुने जा रहे हैं. 2004 में 3 लाख 78 हजार के करीब वोट हासिल करने वाले ओवैसी 2019 के आम चुनाव में 5 लाख से ऊपर वोट ले आए थे. 2019 में भाजपा के रॉव को 2 लाख 35 हजार के आसपास वोट मिले थे. माधवी लता की कोशिश है कि ओवैसी परिवार के इस गढ़ को ध्वस्त किया जाए.

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