राज्यसभा में संशोधित तीन तलाक बिल पेश नहीं हो सका, विपक्ष विरोध में उतर आया

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस और भाजपा ने अपने अस्तित्व की लड़ाई को लेकर जोर-आजमाइश हुई।इसका मुख्य कारण सरकार की ओर से लाया गया संशोधित तीन तलाक बिल को पेश कर पारित करवाने का प्रयास किया जा रहा था। कांग्रेस के नेतृत्व में सारा विपक्ष इसके विरोध में उतर आया। विपक्ष के विरोध को देखते हुए सरकार ने अपने घुटने टेक दिए। अब यह माना जा रहा है कि तीन तलाक वाला यह विधेयक शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जाएगा।

आपको बताते जाए कि इस विधेयक में मोदी सरकार ने गुरुवार को ही संशोधन किए थे। इसके बाद ही यह बिल पेश किया गया था। विपक्ष के विरूद्ध रूख के कारण जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में टीमएसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, कांग्रेस के आनंद शर्मा, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा है कि शुक्रवार को मात्र प्राइवेट बिलों पर ही चर्चा होती है। सरकार तीन तलाक बिल को आज कैसे ला सकती है।

सरकार ने इस राज्यसभा में संशोधित बिल की कॉपी सांसद सदस्यों को बांटी गई। तीन तलाक बिल पर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी पार्टी की स्थिति बिल को लेकर एकदम साफ है। मैं इस बारे में और कुछ अभी नहीं कहना चाहूंगी। उल्लेखनीय है कि मुस्लिम महिलाएं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2017 पिछले दिसंबर में लोकसभा में पारित किया गया था, लेकिन सरकार इसे राज्यसभा में पास नहीं करा पाई थी।

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