कर्नाटक: सिद्धारमैया और कुमारस्वामी में फिर ठनी, मौके का फायदा उठाने की ताक में बीजेपी

एक हफ्ते की शांति के बाद फिर से कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी और पूर्व सीएम सिद्धारमैया का विवाद सतह पर आ गया है. मौजूदा विवाद एचडी कुमारस्वामी के उस बजट प्रस्ताव पर है जिसमें कहा गया है कि अन्न भाग्य स्कीम के तहत गरीबों के लिए प्रति किलो चावल पर 1 रुपए दाम कम करके पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए जाएं.
सिद्धारमैया ने कुमारस्वामी को लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि सीएम को 34,000 करोड़ रुपए के कृषि ऋण माफी के लिए फंड इकट्ठा करने के लिए चावल की मात्रा प्रति व्यक्ति 7 किलो से 5 किलो नहीं करनी चाहिए. सिद्धारमैया अपनी सरकार की योजना अन्न भाग्यपर काफी गर्व करते हैं, जिसमें राज्य के 3 करोड़ लोगों को लाभ हुआ.बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया इस योजना में मौजूदा सरकार की ओर से की जा रही कटौती से खुश नहीं है. अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि चावल की 2 किलो मात्रा कम कर देने से हर वर्ष 600-700 करोड़ रुपए ही बचेंगे. उन्होंने कुमारस्वामी को सलाह दी है कि वह पेट्रोल और डीजल पर सरकार लेवी ना बढ़ाए, जिससे इनके दाम बढ़ सकते हैं.सिद्धारमैया की चिट्ठी से राजनीतिक गलियारे में अटकलों का बाजार गर्म है.  बीजेपी इस मौके को भुनाने में तेजी कर रही है. कर्नाटक के बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सिद्धारमैया की चिट्ठी ने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के बीच ‘गहरे अलगाव’ को सामने ला दिया है.
अभी तक कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया की चिट्ठी की जवाब नहीं दिया जा रहा है. जेडीएस के सूत्रों ने दावा किया कि सरकार को एक और विवाद से बचाने के लिए वह अपना प्रस्ताव वापस ले लेंगे.

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