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उत्तर भारत में आंधी-पानी से मचा कोहराम, राजस्थान में 22, आगरा में 36 की मौत

नई दिल्ली: कल आधे देश का मौसम अचानक से बदला और देखते ही देखते देश के कई राज्यों और शहरों में तेज़ हवा के साथ ज़ोरदार बारिश होने लगी। मौसम से करवट ली तो तापमान में भी अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई। मई के महीने में कुदरत की इस करवट से मौसम तो सुहाना हो गया लेकिन लोगों को जान जोखिम में डालकर और कई जगह जान गंवाकर इस बदले मौसम का सामना करना पड़ा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भारी तबाही हुई है। राजस्थान और आगरा में कुल 58 मौतों की पुष्टि हुई है वहीं पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 4 दर्जन लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के खेरागढ़, फतेहाबाद, पिनाहट और अछनेरा में आंधी तूफान से सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। वहीं राजस्थान के  भारपुर, धौलपुर, अलवर और झुंजनु जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अलवर जिले में आये तेज आंधी-तूफान से एक बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई। शहर में जगह-जगह पेड़ गिरने से दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। कई जगहों पर बिजली के खंभे और बिजली के तार टूट गए जिसकी वजह से शहर भर में बिजली गुल हो गई। सड़कों पर लंबा जाम लग गया।

अलवर के रामगढ़ रोड पर एक कार पर पेड़ गिरने से कार में सवार एक शख्स की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए भी एंबुलेंस और मदद कर रहे लोगों बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं दौसा जिले के करीब एक दर्जन गांवों में तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश हुई लेकिन तेज़ ओलावृष्टि ने सबको चौंका दिया। खबरों के मुताबिक दौसा के करीब एक दर्जन गांवों में ओलावृष्टि हुई। बे-मौसम बारिश और ओले गिरने से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन मौसम ने किसानों की मेहनत और किस्मत पर पानी फेरने का काम किया। किसानों के मुताबिक बारिश और ओले ने खेत में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

आंधी-तूफान से हुई मौतों पर कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त करते हुए अपने जन्मदिन की पार्टी भी कैंसिल कर दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबंधित जिलों में भारी नुकसान के लिए मुआवजा जारी करने के आदेश दिए हैं। शिमला में भी मौसम ने करवट ली लेकिन इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से संकरे रास्तों पर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया। दोपहर के वक्त साफ मौसम में घरों से निकले लोगों को इस बात की ज़रा भी उम्मीद नहीं थी कि मौसम यूं अचानक बदलेगा। भरी दोपहर अचानक अंधेरा छाने से लोग हैरान थे। भारी बारिश की वजह से पैदल और गाड़ी सवार दोनों तरह के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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