CWG 2018: टेबल टेनिस में महिला टीम ने रचा इतिहास, भारत का 7वां गोल्ड

गोल्ड कोस्ट : भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के चौथे दिन रविवार को सिंगापुर को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया. इन खेलों में भारत का यह सातवां स्वर्ण पदक है. ओक्सेनफोर्ड स्टूडियोज में खेल गए फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात दी. फाइनल का पहला मैच एकल वर्ग का था जहां मनिका बत्रा ने तियानवेई फेंग को 11-8, 8-11, 7-11, 11-9, 11-7 से मात देकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया. दूसरे एकल मुकाबले में भारत की मधुरिका पाटकर मेंगयू यू ने 13-11, 11-2, 11-6 से मात देकर मुकाबला 1-1 से बराबरी पर ला दिया.

इसके बाद तीसरा मैच युगल वर्ग का था जिसमें मौमा दास और मधुरिका की जोड़ी ने यिहान झू और मेंगयू की जोड़ी को 11-7, 11-6, 8-11, 11-7 से मात दे एक बार फिर भारत को बढ़त दिला दी. अगला मुकाबला भी एकल वर्ग का था जिसमें मनिका ने यिहान झू को 11-7, 11-4, 11-7 से मात दे भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाला.

बता दें कि भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने 21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में एकतरफा मुकाबले में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह पक्की कर ली थी. सेमीफाइनल में उन्होंने 3-0 के अंतर से जीत दर्ज कर पदक पक्का किया था. फाइनल में उनका सामना खिताब की दावेदार सिंगापुर होना था.

यह दूसरी बार है जब महिला टीम राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में पहुंची है. इससे पहले 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भी महिला टीम फाइनल में पहुंची थी. टीम के लिए पहले एकल मुकाबले में मनिका बत्रा ने इंग्लैंड की केल्ली सिबले को हराया. उन्होंने पहला सेट गंवाने के बाद वापसी करते हुए 9-11, 11-7, 11-5, 11-7 से जीत दर्ज की.

जीत की इस लय को मधुरिका पाटकर ने भी बरकरार रखा, जिन्होंने टिन-टिन हो को 11-7, 13-11, 10-12, 11-8 से पराजित कर टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया. मोउमा दास और मधुरिका की भारतीय जोड़ी ने युगल मुकाबले में सिबले और मारिया टी . को हराकर फाइनल में भारत की जगह पक्की की.

मैच के बाद मधुरिका ने कहा, ‘‘मैं यह भी सोच भी नहीं रही थी कि मैं कैसा खेल रही हूं. हम 1-0 से आगे थे और मैं टीम को 2-0 की बढ़त करना चाहती थी. पुरूष और महिला टीम के समर्थन ने मुझे सर्वश्रेष्ठ करने का प्रोत्साहन दिया.’’

खिताब की प्रबल दावेदार सिंगापुर के खिलाफ होने वाले फाइनल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमें सिंगापुर के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए आपके समर्थन की जरूरत है. उनकी टीम काफी अच्छी है लेकिन हम अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलेंगे.’’ राष्ट्रमंडल खेलों में 2002 में टेबल टेनिस को शामिल किए जाने के बाद से इसमें सिंगापुर का दबदबा रहा है.

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