एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी एशियाई खेलों के लिये खुद को परखने का मौका: लाकड़ा

नयी दिल्ली। एशियाई महिला चैंपियन्स ट्रॉफी में भारतीय टीम की अगुवाई कर रही रक्षापंक्ति की खिलाड़ी सुनीता लाकड़ा ने कहा कि दक्षिण कोरिया के डोंगी शहर में 13 मई से होने वाली इस प्रतियोगिता में टीम को अगस्त में होने वाले एशियाई खेलों के लिये खुद को परखने का मौका मिलेगा। नियमित कप्तान रानी को विश्राम दिये जाने के कारण टीम की अगुवाई कर रही लाकड़ा ने कहा कि गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में मिला आत्मविश्वास टीम के लिये इस प्रतियोगिता में मददगार साबित होगा। भारतीय टीम राष्ट्रमंडल खेलों में चौथे स्थान पर रही थी। लाकड़ा ने मंगलवार रात टीम के रवाना होने से पहले कहा, ‘‘हमें (राष्ट्रमंडल खेलों में) पदक की उम्मीद थी लेकिन हमने आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। हम इस आत्मविश्वास के साथ एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में जा रहे हैं जिससे हमें जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों से पहले खुद को परखने का मौका मिलेगा।’’ एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में भारत के अलावा मेजबान दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और मलेशिया की टीमें भाग लेंगी। भारत अपने अभियान की शुरूआत जापान के खिलाफ करेगा। भारत ने 2016 में फाइनल में चीन को 2-1 से हराकर पहली बार एशियाई चैंपियन्स ट्राफी का खिताब जीता और कप्तान लाकड़ा को विश्वास है कि टीम के लिये यह यादगार टूर्नामेंट साबित होगा।

लाकड़ा ने टीम के रवाना होने से पहले कहा, ‘‘हमने 2016 में यह खिताब जीता था और इसके बाद 2017 में एशिया कप में भी जीत दर्ज की थी। हम फिर से इसे यादगार टूर्नामेंट बनाना चाहते हैं।’’ भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी कप्तान रानी, अग्रिम पंक्ति की खिलाड़ी पूनम रानी और रक्षक सुशीला चानू की कमी खलेगी लेकिन सुनीता लाकड़ा ने कहा कि इससे टीम का अपने खिताब का बचाव करने का लक्ष्य कमजोर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘हां उनकी कमी खलेगी लेकिन टीम अनुभव और युवा का अच्छा मिश्रण है। युवा खिलाड़ियों को पिछले एक साल से अधिक समय में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अच्छा अनुभव है और वे पिछले कुछ समय से साथ में खेल रही हैं। हम एक दूसरे के कमजोर और मजबूत पक्षों को समझते हैं। यह विश्व कप और एशियाई खेलों से अपना खेल दिखाने का युवाओं के लिये अच्छा मंच होगा। टीम ने पिछले तीन सप्ताह में साई बेंगलुरू में अच्छी तैयारी की है और हम अच्छे प्रदर्शन के प्रति प्रतिबद्ध हैं।’’

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