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एमसीसी ने माना बॉल टेम्परिंग कांड को क्रिकेट स्तर में गिरावट का सबूत

लंदन : मेरिलबोन क्रिकेट क्लब( एमसीसी) ने हाल में बॉल टेम्परिंग विवाद को देखते हुए सोमवार को कहा कि स्टीव स्मिथ ने जो किया वह खेल के लिए जरूरी स्तर से काफी नीचे था और इसे कायम रखने के लिए खिलाड़ियों के रवैये और तहजीब में बड़े बदलाव की जरूरत है. स्मिथ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दौरान साथी खिलाड़ी कैमरन बैनक्रोफ्ट के साथ मिलकर पीली टेप से गेंद से छेड़छाड़ करने के लिए आईसीसी ने एक टेस्ट के लिए प्रतिबंधित किया है. क्रिकेट के नियमों को लागू करने वाले एमसीसी के सहायक सचिव जान स्टेफेनसन ने चारों ओर से हो रही स्मिथ और उनकी टीम की आलोचनाओं के संदर्भ में कहा, ‘‘गेंद की हालत में बदलाव करना नियम 41 के अंतर्गत प्रतिबंधित है. इसमें यह भी लिखा है कि दोनों टीमों के कप्तानों की जिम्मेदारी होती है कि वे खेल भावना और नियमों के अंतर्गत खेल खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा दक्षिण अफ्रीका/ ऑस्ट्रेलिया सीरीज में कुछ खिलाड़ियों का व्यवहार और हाल के दिनों में हुए मैचों में हुई कुछ घटनायें देखकर लगता है कि जो स्तर क्रिकेट पंसद करने वाले परिवारों की भविष्य पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए जरूरी होता है, उसमें काफी गिरावट आयी है.’’

स्टेफेनसन ने कहा, ‘‘समय आ गया है कि खेल की जिम्मेदारी लेने वाले सभी खिलाड़ियों के रवैये और तहजीब में बड़ा बदलाव हो ताकि युवा खिलाड़ियों को ऐसे आदर्श क्रिकेटरों दिए जाये जो खेल भावना और इसके मानकों को बरकरार रख सकें.’’

ऐसे हुई थी बॉल टेम्परिंग
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन जब अफ्रीकी पारी का 43वां ओवर चल रहा था और मार्करम व एबी डिविलियर्स खेल रहे थे, उसी समय ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेनक्रॉफ्ट एक चिप जैसी चीज के साथ कैमरे पर पकड़े गए. कहा गया कि ये गेंद की चमक उड़ाने वाली चिप है. इसे उन्होंने गेंद पर घिसा. हालांकि मैदानी अंपायरों ने इस बारे में उनसे बातचीत की. अंपायरों के पास जाने से पहले बैनक्राफ्ट को अपने अंत:वस्त्र में छोटी सी पीली चीज रखते हुए देखा गया. जब अंपायर उनसे बात करने के लिये पहुंचे तो उन्होंने पैंट की जेब में हाथ डालकर दिखाया और यह भिन्न वस्तु थे. वह धूप के चश्मे को साफ करने के लिये मुलायम कपड़े जैसा लग रहा था.

इसके बाद कप्तान स्टीव स्मिथ और बेनक्राफ्ट ने इस पूरे मामले में अपनी गलती मान ली. तीसरे दिन का जब खेल खत्म हुआ तो उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने इस बात को स्वीकार कर लिया. वहीं बैनक्राफ्ट ने  स्वीकार किया कि वह टेप से गेंद की शक्ल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे. ऑस्‍ट्रेलिया सरकार ने ऑस्‍ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड को स्टीव स्मिथ को कप्तानी से हटाने का आदेश दिया. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मेल्कोन टर्नबुल ने इस पूरी घटना को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा ये भरोसा करना मुश्किल है, कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ये कृत्य किया.

इसके बाद लगातार हो रही आलोचनाओं के बाद स्टीव स्मिथ ने टीम की कप्तानी और  डेविड वॉर्नर ने तीसरे टेस्ट के लिए उपकप्तानी छोड़ दी. तब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड ने कहा, “हमने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर से इस पूरे मामले पर बातचीत की. दोनों इस टेस्ट के लिए अपने अपने पद छोड़ने को तैयार हो गए. हालांकि अभी ये सिर्फ तीसरे टेस्ट के लिए है. मैच की अंतरिम जांच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया भी कर रहा है. तीसरे मैच के बाद इस पूरे मामले पर फैसला होगा.”

आईसीसी ने ये दी सजा
इस मामले में सजा का ऐलान करते हुए स्टीव स्मिथ पर एक मैच का प्रतिबंध लगा दिया. इसके अलावा उनकी 100 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाया गया. बॉल टैंपरिंग करने वाले बेनक्रॉफ्ट को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के तहत लेवल 2 का दोषी माना गया. इसके लिए उनके खाते में 3 डिमेरिट प्वाइंट जोड़ दिए गए. ये प्वाइंट एक साल तक मान्य रहते हैं. इसके अलावा बेनक्राफ्ट पर 75 फीसदी मैच फीस का जुर्माना भी लगाया गया.

गौरतलब है कि पूरे क्रिकेट जगत में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है. सारी टीम के दिग्गज खिलाड़ी एक स्वर में इस कांड की आलोचना कर रहे है इसमें ऑस्ट्रेलिया के भी पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स शामिल हैं.

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