RSS और PM मोदी के खिलाफ महागठबंधन बने, सिर्फ नेता ही नहीं जनता भी चाहती है: राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुंबई में मीडिया से मुख़ातिब हुए. राहुल ने कहा कि मोदी सरकार को ग़रीब विरोधी बताते हुए कहा कि ये सरकार सिर्फ चंद अमीरों के लिए काम कर रही है. ग़रीबों का पैसा छीनकर अमीरों की जेब में डाला जा रहा है.
उन्‍होंने कहा कि नोटबंदी से छोटे दुकानदारों की रोज़ी-रोटी छीन ली गई. गब्बर सिंह टैक्स लगाकर छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी गई. हम पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी में लाने की मांग करते हैं, लेकिन पीएम मोदी की इसमें कोई दिलचस्पी ही नहीं है. राहुल ने कहा कि कांग्रेस इन आवाजों को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है और काम चल रहा है. उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ऐसी भावना ना केवल भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों बल्कि जनता की भी है कि महागठबंधन बने जो भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला कर सके.’ राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी देश के संविधान और संस्थानों पर हमले कर रहे हें. उन्होंने कहा कि लोगों के सामने यह सवाल है कि इसे कैसे रोका जाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेट्रोल और डीजल के दामों को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए कह रहा है लेकिन उनकी इसमें रुचि नहीं है.कांग्रेस नेता ने कहा, ‘(नोटबंदी के जरिए) मुंबई पर हमला किया गया. यहां छोटे उद्योग, कारोबारी हैं. यहां चमड़ा उद्योग और कपड़ा उद्योग है. इन पर ‘गब्बर सिंह टैक्स’ के जरिए हमला किया गया. पूरा देश दुखी है. छोटे उद्यमी दुखी हैं और हम उनके लिए लड़ रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के शासन काल में कच्चे तेल का दाम प्रति बैरल 130 डॉलर था जो अब गिरकर प्रति बैरल 70 डॉलर पर आ गया है. राहुल ने कहा, ‘हालांकि इसका लाभ आम आदमी को नहीं दिया गया. यह रुपया कहां जाता है ? 15 से 20 अमीर लोगों की जेबों में.’ कांग्रेस अध्यक्ष मंगलवार को महाराष्ट्र के दो दिवसीय दौरे पर हैं.

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