पाकिस्तान के दोस्त चीन की शर्मनाक हरकत, नहीं दी गांधी जयंती मनाने की इजाजत

बीजिंग: पूरी दुनिया एक तरफ जहां गांधी जयंती को अहिंसा दिवस के रूप में मना रही है वहीं दूसरी ओर चीन ने बापू के सम्मान में आयोजित किए जाने वाले समारोह को इजाजत देने से इनकार कर दिया। बीजिंग स्थित एक सार्वजनिक पार्क में 2005 के बाद से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले महात्मा गांधी जयंती समारोह को बुधवार को आखिरी समय में तब भारतीय दूतावास परिसर में स्थानांतरित करना पड़ा जब चीन की सरकार ने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह जानकारी यहां स्थित भारतीय दूतावास अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि यद्यपि चीनी प्राधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि कार्यक्रम के लिए अनुमति क्यों नहीं दी गई।

2005 में चीन के प्रसिद्ध मूर्तिकार युआन शिकुन द्वारा निर्मित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति बीजिंग के चाओयांग पार्क में लगाये जाने के बाद पिछले 14 वर्षों से गांधी जयंती कार्यक्रम वहां पर आयोजित हो रहे हैं। इस पार्क में गांधी की प्रतिमा चीन में उनकी एकमात्र मूर्ति है। प्रत्येक वर्ष भारतीय दूतावास युआन के साथ मिलकर दो अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करता है जिसमें चीनी स्कूल के छात्र महात्मा गांधी के प्रसिद्ध विचार उद्धृत करते हैं और भारतीय समुदाय के सदस्य गांधी के भजन गाते हैं।

परंपरा में यह बदलाव ऐसे समय आया है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के एक अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए इस महीने बाद में भारत की यात्रा पर आने की उम्मीद है। हालांकि भारत या चीन किसी ने भी शिखर बैठक, उसकी तिथि या आयोजन स्थल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इस बीच चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने गांधी की 150वीं जयंती पर भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। बाद में शाम में मिसरी ने चाइना आर्टिस्ट एसोसिएशन के 13 चीनी कलाकारों को सम्मानित किया जिन्होंने गांधी के चित्रों को बनाया था। उन चित्रों का विमोचन राजनयिक ने कार्यक्रम के दौरान किया।

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