हक के लिए आज भी महिलाओं का जूझना अजीब : श्रुति हासन

मुंबई। अभिनेत्री श्रुति हासन (Shruti Haasan) ने इस पर सवाल उठाया है कि आज भी क्यों अपने हक के लिए महिलाओं को आवाज उठाने की जरूरत पड़ रही है और ऐसा केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है। मुंबई में मंगलवार को आरपीजी फाउंडेशन द्वारा उनके सीएसआर पहल के तहत काम करने वाली महिलाओं के लिए आयोजित एक समारोह में मीडिया संग बातचीत करते हुए श्रुति ने कहा, “महिलाओं के अधिकारों के लिए लोग रैलियां निकालते हैं और विरोध प्रदर्शन करते हैं और मुझे यह अजीब लगता है कि समान अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमें आज भी इस तरह की रैलियों की जरूरत पड़ती है। ऐसा सालों से होता आ रहा है।”

श्रुति ने कहा, “मुझे लगता था कि इसमें बदलाव आया है, लेकिन दुख की बात तो यह है कि समस्या आज भी व्याप्त है।” श्रुति ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि ऐसा सिर्फ हमारे ही देश में होता है। ऐसा पूरी दुनिया में हो रहा है। जब आप अंतर्राष्ट्रीय खबरों को देखते हैं, तो आप महसूस कर सकते हैं कि यह विषय कई बार आ रहा है।”

महात्मा गांधी की जयंती के बारे में बात करते हुए श्रुति ने कहा, “यह (2 अक्टूबर ) वास्तव में एक महत्वपूर्ण दिन है और हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेरे पिता (कमल हासन) उनके सिद्धांतों पर वाकई में यकीन करते हैं।”

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