अलीबाबा के संस्‍थापक जैक मा ने 55वें जन्‍मदिन पर छोड़ा चेयरमैन का पद, कंपनी आगे भी चढ़ती रहेगी तरक्‍की की सीढि़यां

बीजिंग। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा ऐसे समय कंपनी के चेयरमैन पद से हट रहे हैं, जब अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध के चलते तेजी से बदलते उद्योग क्षेत्र में अनिश्चितता का दौर चल रहा है। जैक मा ने मंगलवार को अपने 55वें जन्‍मदिन के मौके पर चेयरमैन का पद छोड़ दिया।

उनका चेयरमैन पद से हटने का कार्यक्रम एक साल पहले तय कर लिया गया था। हालांकि, वह अलीबाबा पार्टनरशिप के सदस्य बने रहेंगे। यह 36 लोगों का समूह है, जिन्हें कंपनी के निदेशक मंडल में बहुमत सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार है। जैक मा (55) ने 1999 में अलीबाबा की स्थापना की थी।

जैक मा के बाद भी तरक्की की सीढ़ियां चढ़ती रहेगी अलीबाबा

जैक मा के पद छोड़ने के बावजूद नवोन्मेष को बढ़ावा देने की संस्कृति से स्टार्टअप और दिग्गज ऑनलाइन शॉपिंग साइट अलीबाबा को नए युग में भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। जैक मां की संपत्ति 41 अरब डॉलर है। उनकी योजना अपनी अकूत संपत्ति को शिक्षा पर खर्च करने की है।

आमतौर पर बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को करिश्माई संस्थापकों के चले जाने के बाद शेयर कीमतों में उतार-चढ़ाव और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन अलीबाबा के साथ ऐसा नहीं है। जैक मा अलीबाबा को आगे ले जाने वाली ताकत हैं और कंपनी के लिए एंबेसडर की तरह हैं। उन्होंने दो साल पहले अलीबाबा की वर्षगांठ कार्यक्रम में माइकल जैकसन से प्रेरित डांस किया था।

पेचिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और इक्विटी निवेशक जैफरी टाउसन ने कहा कि जैक मा ने अलीबाबा में मजबूत संस्कृति का निर्माण किया है और वे अब भी नवाचार में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैक मा की जगह सीईओ डेलियल झांग और कंपनी के सह-संस्थापक और कार्यकारी वाइस चेयरमैन जोसेफ त्साई जैसी शख्सियतें प्रौद्योगिकी कंपनी के उत्तराधिकारी योजना के लिए “स्वर्ण मानक” साबित हो सकते हैं।

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